
ऑपरेशन ग्रीन हंट: निसाना पर आदिवासी
ऑपरेशन ग्रीन हंट सरकार दन ले उछालल गेल एगो जुमला हय, इया कोनो बिसेस रननीति के अंजाम देवेक कर कवायद। ई सवाल जेतइ सपाट हय, उकर जबाबो उतनेहें सपाट हय। लगिन उकर जबाब से सरकार कोनो इत्तेफाक नइ रखेला। सरकारी बयान कर मासूमियत बतायला कि ई ऑपरेशन बिकास कर संडक में आवे वाला बाधामन के दुरुस्त करेक कर अभियान भइर हय। ई जुदा बात हय कि इकर सउबसे जादा खामियाजा ऊ बर्ग भुगती, जेकर ठन बिकास कर आपन अवधारना हय आउर जे कोनो एंगल से सरकारी बिकास कर पर्याय नइ हय। ई ऊ आदिवासी बर्ग हय, जे सत्ता कर राजनीति में इस्तेमाल होयक वाला सउबसे आसान हथियार हय आउर सरकारी बिकास अवधारना कर सउबसे बगरा कीमत भी चुकायक वाला रइह हय। ऑपरेशन ग्रीन हंट कर सफलता इया असफलता एहे बर्ग कर खून और हक पर कब्जा से जुड़ल हय।